भाषा और कहानी • कक्षा 1–3
तीन चित्र, एक सफ़र
लम्बा वाक्य लिखने से पहले भी कहानी शुरू हो सकती है।
आराम से सीखें। जवाब बोलें, बनाएँ या लिखें।
बात यह है…
कहानी में अक्सर शुरुआत, बदलाव और अंत जुड़े होते हैं। कल्पना करो: पानी के पास कागज़ की नाव है। बच्चा उसे देखता है, नाली से दूर करके सूखी सीढ़ी पर रखता है। चित्र, इशारे और बोलना—सबसे यह छोटी कहानी कह सकते हैं।
रुको। बात अपने ढंग से समझो।
एक बात साथी को समझाओ, चित्र बनाओ या अपने शब्दों में लिखो। कौन-सा हिस्सा अवलोकन, उदाहरण या सवाल है?
घर की भाषा भी ले सकते हो। निजी अनुभव बताना या सब एक बार में पूरा करना ज़रूरी नहीं।अब आपकी खोज
क्या चाहिए
कागज़ और पेंसिल, या बातचीत का साथी। चित्र बनाकर और बोलकर भी कर सकते हैं।
तीन खानों में शुरुआत, बीच और अंत बनाएँ।
“पहले”, “फिर” और “आखिर में” से कहानी सुनाएँ।
अन्तिम चित्र बदलें और नया अंत समझाएँ।
आगे की घटना बताने वाला शब्द कौन-सा है?
पूछते रहो
अपने समूह की सभी गतिविधियाँ
ज्ञानकलाकुंभज्ञान। कला। संभावनाएँ।