भाषा और कहानी • कक्षा 1–3
क्या मैंने सही सुना?
सुनना, दूसरे के शब्दों में सफ़र करना है।
आराम से सीखें। जवाब बोलें, बनाएँ या लिखें।
बात यह है…
दोबारा बताने में मुख्य अर्थ अपने शब्दों में कहते हैं। हर शब्द हूबहू दोहराना ज़रूरी नहीं। सुनने वाला वाक्य फिर सुन सकता है और अपनी समझ मिलवा सकता है। बात छूटे तो अंदाज़ा भरने के बजाय पूछें।
रुको। बात अपने ढंग से समझो।
एक बात साथी को समझाओ, चित्र बनाओ या अपने शब्दों में लिखो। कौन-सा हिस्सा अवलोकन, उदाहरण या सवाल है?
घर की भाषा भी ले सकते हो। निजी अनुभव बताना या सब एक बार में पूरा करना ज़रूरी नहीं।अब आपकी खोज
क्या चाहिए
कागज़ और पेंसिल, या बातचीत का साथी। चित्र बनाकर और बोलकर भी कर सकते हैं।
साथी कहे: “हरी किताब छोटी मेज़ के नीचे है।” या साथ पढ़ें।
जगह अपने शब्दों में बताएँ और पूछें कि सही समझे या नहीं।
नई काल्पनिक वस्तु और जगह लेकर भूमिकाएँ बदलें।
कोई बात छूट गई तो क्या मदद करेगा?
पूछते रहो
अपने समूह की सभी गतिविधियाँ
ज्ञानकलाकुंभज्ञान। कला। संभावनाएँ।