डिजिटल समझ • कक्षा 1–3
स्क्रीन से भी शब्द पहुँचते हैं
टाइप किया सन्देश असली व्यक्ति पढ़ता है।
आराम से सीखें। जवाब बोलें, बनाएँ या लिखें।
बात यह है…
छोटा सन्देश पढ़ने वाले को आपके मन से अलग लग सकता है। भेजने से पहले सोचें कि वह साफ़ और सम्मानपूर्ण है या नहीं। सन्देश परेशान या उलझाए तो जवाब रोककर भरोसेमंद बड़े से बात करें। परेशान करने वाली ऑनलाइन बातचीत राज़ रखना ज़रूरी नहीं।
रुको। बात अपने ढंग से समझो।
एक बात साथी को समझाओ, चित्र बनाओ या अपने शब्दों में लिखो। कौन-सा हिस्सा अवलोकन, उदाहरण या सवाल है?
घर की भाषा भी ले सकते हो। निजी अनुभव बताना या सब एक बार में पूरा करना ज़रूरी नहीं।अब आपकी खोज
क्या चाहिए
कागज़ और पेंसिल, या बातचीत का साथी। चित्र बनाकर और बोलकर भी कर सकते हैं।
काल्पनिक सन्देश मिलाएँ: “तुम खराब हो” और “क्या यह बारी फिर आज़माएँ?”
बताएँ कि कौन व्यक्ति का अपमान किए बिना काम की बात करता है।
खेल या समूह-गतिविधि के लिए सम्मानपूर्ण निवेदन लिखें।
कौन-सा सन्देश काम पर बात करता है?
पूछते रहो
अपने समूह की सभी गतिविधियाँ
ज्ञानकलाकुंभज्ञान। कला। संभावनाएँ।