मन और मित्रता • कक्षा 4–5
सम्मान के साथ “नहीं” भी
दोस्ताना निमन्त्रण में चुनाव की जगह होती है।
आराम से सीखें। जवाब बोलें, बनाएँ या लिखें।
बात यह है…
लोग अलग गतिविधि, जगह या भागीदारी चाह सकते हैं। सम्मान से मना कर सकते हैं; मना सुनना निमन्त्रण की हार नहीं। काल्पनिक खेल में पूछें कि साथी किसमें सहज है और बिना दबाव विकल्प दें। असुरक्षित स्थिति में भरोसेमंद बड़ा मदद कर सकता है।
रुको। बात अपने ढंग से समझो।
एक बात साथी को समझाओ, चित्र बनाओ या अपने शब्दों में लिखो। कौन-सा हिस्सा अवलोकन, उदाहरण या सवाल है?
घर की भाषा भी ले सकते हो। निजी अनुभव बताना या सब एक बार में पूरा करना ज़रूरी नहीं।अब आपकी खोज
क्या चाहिए
कागज़ और पेंसिल, या बातचीत का साथी। चित्र बनाकर और बोलकर भी कर सकते हैं।
कल्पना करें कि दोस्त शोर वाला खेल नहीं खेलना चाहता।
उसका चुनाव मानने वाला सम्मानपूर्ण जवाब लिखें।
कारण बताने का दबाव दिए बिना शांत विकल्प दें।
“नहीं, धन्यवाद” का सम्मानपूर्ण उत्तर क्या है?
पूछते रहो
अपने समूह की सभी गतिविधियाँ
ज्ञानकलाकुंभज्ञान। कला। संभावनाएँ।