सहारनपुर से शुरुआत। उज्ज्वल भारत की कल्पना। ✦ 2026 • खोज का सफर
तर्क और पहेलियाँ • कक्षा 9–12

सम्भव, लेकिन पक्का नहीं

निष्पक्ष सिक्का पिछला परिणाम याद नहीं रखता।

लगभग 12 मिनट पढ़ो · आज़माओ · समझाओ
आराम से सीखें। जवाब बोलें, बनाएँ या लिखें।
मेरी ज्ञान-पोटली
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01 / पहले समझें

बात यह है…

निष्पक्ष सिक्के के स्वतंत्र उछालों में हर बार चित की प्रायिकता 1/2 है। पिछले परिणाम अगला परिणाम तय नहीं करते। प्रयोग में मिली दर सैद्धान्तिक प्रायिकता से अलग हो सकती है, विशेषकर कम प्रयासों में।

रुको। बात अपने ढंग से समझो।

एक बात साथी को समझाओ, चित्र बनाओ या अपने शब्दों में लिखो। कौन-सा हिस्सा अवलोकन, उदाहरण या सवाल है?

घर की भाषा भी ले सकते हो। निजी अनुभव बताना या सब एक बार में पूरा करना ज़रूरी नहीं।
02 / खुद करके देखें

अब आपकी खोज

क्या चाहिए

कागज़। काल्पनिक क्रम चित, चित, चित, चित लें; कोई दाँव या खरीद नहीं।

  1. दो निष्पक्ष उछालों के परिणाम लिखें: चित-चित, चित-पट, पट-चित, पट-पट।

  2. ठीक एक चित वाले परिणाम गिनें।

  3. समझाएँ कि पहले चार चित आने से अगला पट पक्का क्यों नहीं होता।

03 / अपनी समझ परखें

चार चित के बाद अगले स्वतंत्र निष्पक्ष उछाल में चित की सम्भावना क्या है?

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