मन और मित्रता • कक्षा 6–8
टीम में हर आवाज़ की जगह
योजना, चित्र, जाँच और समझाना—सब योगदान हैं।
आराम से सीखें। जवाब बोलें, बनाएँ या लिखें।
बात यह है…
टीम की भूमिकाएँ ज़िम्मेदारी साफ़ करती हैं। नई क्षमता आज़माने के लिए भूमिका बदलें और पहुँच की ज़रूरत के अनुसार काम ढालें। समान भागीदारी हमेशा एक जैसा काम नहीं। देखें कि कोई सारा काम न करे, न किसी के हिस्से अर्थपूर्ण काम ही न हो।
रुको। बात अपने ढंग से समझो।
एक बात साथी को समझाओ, चित्र बनाओ या अपने शब्दों में लिखो। कौन-सा हिस्सा अवलोकन, उदाहरण या सवाल है?
घर की भाषा भी ले सकते हो। निजी अनुभव बताना या सब एक बार में पूरा करना ज़रूरी नहीं।अब आपकी खोज
क्या चाहिए
कागज़ और पेंसिल, या बातचीत का साथी। चित्र बनाकर और बोलकर भी कर सकते हैं।
चार लोगों के कागज़ी मॉडल में चार ज़िम्मेदारियाँ तय करें।
बोलने, चित्र, मापने या जाँचने का चुनाव दें।
बीच में जाँच तय करें कि भूमिकाएँ निष्पक्ष चल रही हैं या नहीं।
भूमिकाओं से क्या होना चाहिए?
पूछते रहो
अपने समूह की सभी गतिविधियाँ
ज्ञानकलाकुंभज्ञान। कला। संभावनाएँ।