सहारनपुर से शुरुआत। उज्ज्वल भारत की कल्पना। 2026 • खोज का सफर
कला और सृजन कक्षा 912

हर चित्र के पीछे भी कहानी

चित्र साझा करने में सन्दर्भ की ज़िम्मेदारी भी है।

लगभग 20 मिनट पढ़ो · आज़माओ · समझाओ
आराम से सीखें। जवाब बोलें, बनाएँ या लिखें।
मेरी ज्ञान-पोटली
सूची केवल इस डिवाइस के ब्राउज़र में रहती है। कोई नाम या विद्यार्थी-खाता नहीं चाहिए। साझा डिवाइस पर दूसरे उपयोगकर्ता भी इसे देख सकते हैं।
01 / पहले समझें

बात यह है…

कैप्शन बताए कि चित्र में क्या है, किसने बनाया और वह फोटो, कल्पना-चित्र या पुनर्निर्माण है। ये अलग तरह के प्रमाण हैं। रचनाकार का नाम देना और उपयोग की अनुमति होना अलग बातें हैं। इस अभ्यास में अपना चित्र लें।

रुको। बात अपने ढंग से समझो।

एक बात साथी को समझाओ, चित्र बनाओ या अपने शब्दों में लिखो। कौन-सा हिस्सा अवलोकन, उदाहरण या सवाल है?

घर की भाषा भी ले सकते हो। निजी अनुभव बताना या सब एक बार में पूरा करना ज़रूरी नहीं।
02 / खुद करके देखें

अब आपकी खोज

क्या चाहिए

कागज़ और पेंसिल, या बातचीत का साथी। चित्र बनाकर और बोलकर भी कर सकते हैं।

  1. भविष्य की कल्पित कक्षा बनाएँ और कल्पना-चित्र लिखें।

  2. बनाने वाले का नाम और केवल दिखी बात वाला कैप्शन लिखें।

  3. इसे असली विद्यालय की फोटो बताने वाले भ्रामक कैप्शन से मिलाएँ।

03 / अपनी समझ परखें

अपने चित्र का ईमानदार कैप्शन कौन-सा है?

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